Posts

Showing posts with the label fort of india

भारतीयता पर फ़ख्र

Image
            नयी उमंग और नये जोश के साथ आये इस स्वाधीनता दिवस का  समूचा भारत वर्ष अपनी बांहों को फैला कर इसका स्वागत करने के लिए तैयार है । हमारे पिछले अनुभव हमें यह अहसास दिलाते हैं कि भारत ने स्वाधीनता के बाद विश्व के अन्य विकासशील देशों के मुकाबले जिस  गंभीरता के साथ अपनी स्थिति में परिवर्तन किया है वो भारत पर फ़ख्र महसूस करने के लिए काफ़ी है । परिवर्तित परिस्थितियों के  सकारात्मक परिणाम आज बेहतर एवं अद्वितीय कीर्तिमान के रूप में सामने आ रहे हैं ।      भारत ने स्वाधीनता प्राप्ति के बाद विभिन्न पिछड़े सामाजिक,  आर्थिक,  राजनैतिक, एवं शैक्षिक क्षेत्रों की प्रगति के लिए प्रभावी  राष्ट्रीय नीतियों का निर्माण किया । तदोपरान्त आने वाली सरकारों ने सकारात्मक राजनीति का परिचय देते हुए इन राष्ट्रीय नीतियों की समीक्षा की तथा नई राष्ट्रीय नीतियों को देश हित के लिए लागू किया। परिणामस्वरूप आज भारत की स्थिति बेहतर हुई है और  साथ ही वैश्विक स्तर पर भारत ने अपने नाम को स्थापित करने में  भी सफल रहा है । इन सब क...

गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी का यादगार ऐतिहासिक दिन

Image
रानी लक्ष्मी बाई के झाँसी स्थित क़िले की बुर्ज़ पर लहराता तिरंगा                                 गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी का यादगार ऐतिहासिक दिन...           यह दिवस हर भारतीय के जीवन में नया उत्साह और नयी उम्मीद के साथ आता है। इस राष्ट्रीय और लोकतांत्रिक  पर्व के अवसर पर हर वर्ष  दिल्ली के राजपथ पर  होने वाला साहसिक एवं अद्भुत  प्रदर्शन भारतीयों और विदेश से आये हुए मुख्य अतिथियों को भारत वर्ष के शौर्य, पराक्रम और उसकी विविधता में  एकता की संस्कृति  से रूबरू होने का भी सुअवसर प्रदान करता है। मुकम्मल भारत वर्ष इस प्रदर्शन को देख खुद को गौरवान्वित महसूस करता है, साथ ही भारतीय होने पर उसको नाज़ भी होता है।               उल्लेखनीय है, आज से 68 साल पहले आज ही के दिन से,  भारत के संविधान ने अपने संप्रभुता के सफ़र की शुरुआत की थी। यह संविधान हमारे पुरखों के संघर्ष और उनकी उपलब्धि के फलस...

चुनार : भारत की ऐतिहासिक विरासत

Image
         ऐतिहासिक स्थल और पौराणिक स्थल दोनों ही अपने आप में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं परन्तु जब कलम उठती है पौराणिक स्थलों के इतिहास को लिखने को तब इसका अनुभव खली से तेल निकालने के समान होता है क्योंकि यह पौराणिक स्थल अलग - अलग किंवदंतियों को संजोए आपके सामने खड़ा रहता है। पौराणिक स्थलों की विश्वसनीयता को बनायें रखने के लिए बतौर यात्रा लेखक आपको इस अनुभव से सरोकार करना ही होता है...      आज़ का दिलचस्प सफ़र कुछ ऐसा ही है ....... तहक़ीक़-ए-चुनार  भारत की पवित्र नदी गंगा का विहंगम दृश्य चुनार के क़िले से       चुनार भारत का एक ऐतिहासिक धरोहर स्थल है। यह धार्मिक नगर वाराणसी से महज़ 39 किमी० की दूरी पर बसा हुआ है। चुनार, मीरजापुर जिले की एक तहसील है।             चुनार रेलवे स्टेशन भारत के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों से भली-भाँति जुड़ा हुआ है अतः यहाँ की यात्रा पर आने के लिए भारतीय रेलवे भी एक सुखद विकल्प है। यह नगर विंध्याचल पर्वत श्रेणियों पर स्थित ह...