Posts

पकौड़े का दर्शन

Image
  भारतीय पकवानों में पकौड़ा एक लज़ीज़ और किफ़ायती पकवान माना जाता रहा है । हाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा पकौड़े का उदाहरण देश की  आर्थिक प्रगति के लिए किया गया ।  जिसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उच्च एवं  सही दिशा में ले जाने की कवायद के रूप में जाना जा सकता है । तो वहीं दूसरी ओर भारतीय पकवानों को देश - विदेश से रूबरू कराने की मंशा साफ़ नज़र आती है ।       आज के दौर में हम रेडी टू ईट पकवानों पर ज्यादातर आश्रित हो गये हैं । इसका कुप्रभाव ग्रामीण बाज़ार पर  पड़ा  है , जिसके बाबत  ग्रामीण अर्थव्यवस्था बेहद प्रभावित हुयी है । प्रधानमंत्री द्वारा पकौड़े का उदाहरण दिया जाना  बेजा उदाहरण नहीं है ।    पकौड़े का दर्शन समझने की ज़रूरत है जो मेक इन इण्डिया का सटीक एवं किफ़ायती उत्पाद है ।           शुक्रिया भारत !!!

बजट से जुड़ी आमजन की उम्मीद

Image
          1 फ़रवरी को संसद की पटल पर पेश होने वाले आम बजट पर पूरे भारत की निगाहें टिकी  हुई है । इसके बाबत  समाज का हर एक तबका अपनी अपनी क्षमता के अनुसार कयास लगाने पर जुटा हुआ है । तो वहीं  सरकार भावी भारत के विकास की कहानी को गढ़ने में मशरूफ है ।      वैसे सरकार की हरेक नीति समाज के सभी वर्गों को प्रभावित करने वाली होती है ।  किन्तु  जब बात आम बजट की  हो तो समाज के अन्तिम पायदान के आमजन अत्यधिक प्रभावित होते हैं । क्योंकि बजट पर आधारित उन सभी का रोज़मर्रा का जीवन होता है और इससे उनका जीवन बेहद प्रभावित होता है ।   बजट निर्माण को लेकर सरकार के सामने अनेक चुनौतियां हैं  । जहाँ एक ओर वह आमजन की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहेगी वहीं दूसरी ओर नोटबंदी और जीएसटी से हुये आर्थिक क्षति की भरपाई भी करना चाहेगी और साथ ही आर्थिक विकास दर को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मुख्य ध्येय राजधानी सरकार का होगा । 

गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी का यादगार ऐतिहासिक दिन

Image
रानी लक्ष्मी बाई के झाँसी स्थित क़िले की बुर्ज़ पर लहराता तिरंगा                                 गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी का यादगार ऐतिहासिक दिन...           यह दिवस हर भारतीय के जीवन में नया उत्साह और नयी उम्मीद के साथ आता है। इस राष्ट्रीय और लोकतांत्रिक  पर्व के अवसर पर हर वर्ष  दिल्ली के राजपथ पर  होने वाला साहसिक एवं अद्भुत  प्रदर्शन भारतीयों और विदेश से आये हुए मुख्य अतिथियों को भारत वर्ष के शौर्य, पराक्रम और उसकी विविधता में  एकता की संस्कृति  से रूबरू होने का भी सुअवसर प्रदान करता है। मुकम्मल भारत वर्ष इस प्रदर्शन को देख खुद को गौरवान्वित महसूस करता है, साथ ही भारतीय होने पर उसको नाज़ भी होता है।               उल्लेखनीय है, आज से 68 साल पहले आज ही के दिन से,  भारत के संविधान ने अपने संप्रभुता के सफ़र की शुरुआत की थी। यह संविधान हमारे पुरखों के संघर्ष और उनकी उपलब्धि के फलस...

शैल चित्र : कहीं सुलझी तो कहीं अनसुलझी पहेली

Image
    बचपन में जब कभी हम इतिहास को जानने और समझने के लिए किताबों का सहारा लेते थे , तब हमें अपने पूर्वजों के संबंध में एक अनूठी जानकारी हमारे हाथ लगती थी , वो ये कि..... हमारे पूर्वजों को शैल चित्र गढ़ने में महारथ हासिल था।  शैल चित्र @ सती अनुसुइया , चित्रकूट       लेकिन उस उम्र के पड़ाव में हमारे लिए यह कल्पना करना या उसके बारे मे सोचना हमारी समझ के परे होता था।   यह कहना ग़लत नहीं होगा कि ,   ‘ इंसान वहीं तक कल्पना और सोच सकता है जहां तक उसने दुनिया देख रखी है , उससे परे संभव नहीं। ’    हम पढ़ते थे कि हमारे पूर्वज जिन गुफाओं में रहते थे उन गुफाओं कि भित्ति पर; साथ ही बड़ी चट्टानों पर चित्र या कोई संकेत अपने मनोरंजन या आपसी संवाद के लिये बड़ी शिद्दत के साथ उकेरते थे.... आज हम इन चित्रों को शैल चित्र से संबोधित करते हैं।  प्रागैतिहासिक कालीन मुसव्विरी... शैल पर @ गोविन्द बल्लभ पन्त समाज विज्ञान संस्थान, इलाहाबाद प्रागैतिहासिक कालीन मुसव्विरी... शैल पर @ गोविन्द बल्लभ पन्त समाज विज्ञान संस्थान,...

मंज़र ऐसे जो आँख के रास्ते होते हुये दिल और दिमाग़ पर दस्तक दें

Image
    आप सभी ने बोलती हुई फ़ोटो ज़रूर देखी होगी...   साथ ही ऐसी फ़ोटो भी देखी होगी...... जो आँख के रास्ते होते हुये दिल और दिमाग़ पर दस्तक दे जाती  है।  माँ    सैरनामा ब्लॉग की इस कड़ी में ,   मैं प्रशांत शाह वेला आपको इस फ़ोटो ब्लॉग के माध्यम से कुछ ऐसी चुनिन्दा , दिलचस्प और लाजवाब मंज़रों से आपको रूबरू करने जा रहा हूँ जो मैंने सफ़र के दौरान अपने कैमरे के फ्रेम में कैद किये हैं... यह फ़ोटो न केवल आपको सोचने के लिये मज़बूर करेंगी अपितु कहीं कहीं आपको क़ुदरती फ़न का अहसास भी करेंगी.... दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं ... Sea Art Flying Seed Madar बोनसाई .... जापानी तकनीक जापानी भाषा में बोनसाई   का मतलब है "बौने पौधे" फूल.... क़ुदरती फ़न Terra Cotta     बहरहाल ये मंज़र कोई नये नहीं... आपने अपनी आँखों से कभी न कभी इन मंज़रों को ज़रूर कैद किये होगा... हाँ ये बात और है कि कभी आपने गौर फ़रमाया होगा तो कभी नहीं ।         !! शुक्रिया भारत !!

फ़सल अवशेष : मिट्टी की उर्वरता को खोने से बचाने के लिये किसानों को जागरूक होना होगा

Image
  सरकार की ओर से पर्यावरण को सुरक्षित रखने साथ ही मिट्टी की उर्वरता को खोने से बचाने के लिए किसानों को फ़सल अवशेष न जलाने की हिदायत एक सराहनीय और   महत्त्वपूर्ण क़दम है। किसानों को अब जागरूक होने की अति आवश्कता है अन्यथा आने वाली पीढ़ी उनके इस कृत से अभिशापित हो जायेगी। सरकार को ग्रामीण स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को जागरूक करना होगा साथ ही फ़सल अवशेष से वानस्पतिक खाद बनाना सुझाना होगा। इससे किसानों को आम के आम और गुठलियों के भी दाम प्राप्त होंगे। * प्रति ग्राम मिट्टी में 10 से 40 लाख उपयोगी बैक्टीरिया तथा अन्य एनपीके तत्त्व प्राप्त मात्रा में मौजूद होते हैं जो जल के ख़ाक हो जाते हैं।       !! शुक्रिया भारत !!

भरतकूप : भगवान भरत के कुएँ की पौराणिक नगरी और बुंदेलों का ऐतिहासिक स्थल

Image
   दिन की शुरुआत एक सफ़र से शुरू होती है , यही सफ़र हमें हमारी मंजिल तक पहुँचाता है। आज मैं आपको ऐसे नगर की सैर पर ले चलता हूँ जो   पौराणिक महत्त्व के साथ - साथ ऐतिहासिक महत्त्व भी रखता है । आइये चलते हैं आज के सफ़र में और पहुँचते हैं उस मंज़िल तक जिसे हमेशा से इंतजार रहा है उन रहनुमाओं का जो बेवजह ही उनका हाल चाल लेने समय-समय पर आते रहते हैं... आज की मंजिल .... भगवान भरत के कुएँ की पौराणिक नगरी और बुंदेलों का ऐतिहासिक स्थल ;   भरतकूप            दोस्तों मेरे लिए यह बहुत खुशनुमा पल है कि   मुझे आपको अपनी गृह नगरी चित्रकूटधाम कर्वी से महज़ 15 किमी की दूरी पर स्थित धार्मिक नगरी भरतकूप की यात्रा पर ले जाने का सौभाग्य मिल रहा है।             भरतकूप , चित्रकूट ज़िले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। इस धार्मिक नगरी   के सबसे नज़दीक   चित्रकूटधाम कर्वी रेलवे...